Class 12th Hindi Exam 2023 ! Bihar Board Hindi Top 10 Subjective Questions Answer

1. चंपारण क्षेत्र में बाढ़ की प्रचंडता के बढ़ने के क्या कारण है ?

उत्तर- चंपारण क्षेत्र में बाढ़ का प्रमुख कारण जंगलों का कटना है जंगलों के वृक्ष जल राशि को अपनी जड़ों में थामें रहते हैं नदियों को उन्मुक्त नवयौवना बनाने से रोकते हैं उत्ताल वृक्ष नदी की धाराओं की गति को भी संतुलित करने का काम करते हैं यदि जल राशि नदी की सीमाओं से ज्यादा हो जाती है तब बाढ़ आती ही है लेकिन जब बीच में उनकी शक्तियों को ललकारने वाले गगनचुंबी वन न हो तब नदिया प्रचंड काली का रूप धारण कर लेती है वृक्ष उस प्रचंडिका को रोकने वाले हैं आज चंपारण में वृक्ष को काटकर कृषि युक्त समस्त भूमि बना दी गई है अब उन्मुक्त नवयौवना को रोकने वाला कोई न रहा इसलिए अपनी ताकत का अहसास कराती है लगता है मानों मानव के काम को रोकने के लिए उसे दंड देने के लिए नदी में भयानक बाढ़ आते हैं।

2. इतिहास की क्रीमिआई प्रक्रिया का क्या आशय है ?

उत्तर- क्रीमिआई प्रक्रिया पारे को सोने में बदलने की एक प्रक्रिया है जिसमें पारे को कुछ विलेपनों के साथ उच्च तापक्रम पर गर्म किया जाता है। लेखक ने पाठ के संदर्भ में क्रीमिआई प्रक्रिया का आशय देते हुए कहा है कि जिस प्रकार पारा दूसरे प्रकार का पदार्थ है और उसे कुछ पदार्थों के संगम से बिल्कुल भिन्न पदार्थ का उद्भव हो जाता है उसी तरह सुदूर दक्षिण की संस्कृति और रक्त इस प्रदेश की निधि बनकर एक अन्य संस्कृति का निर्माण कर गए।

3. चंपारण में शिक्षा की व्यवस्था के लिए गांधी जी ने क्या किया ?

उत्तर- चंपारण में शिक्षा की व्यवस्था के लिए गांधी जी ने अनेकों काम किए। उनका विचार था कि ग्रामीण बच्चों की शिक्षाकी व्यवस्था किए बिना केवल आर्थिक समस्याओं को समझाने से काम नहीं चलेगा इसके लिए उन्होंने तीरथ गांव में आश्रम विद्यालय स्थापित किया बड़हरवा मधुबन और भितिहरवा । कुछ निष्ठावान कार्यकर्ताओं को तीनों गांवों में तैनात किया बड़हरवा के विद्यालय में श्री बवन जी गोखले और उनकी पत्नी विदुषी अवंतिकाबाई गोखले ने चलाया। मधुबन में नरहरिदास पारिख और उनकी पत्नी कस्तूरबा तथा अपने सेक्रेटरी श्री महादेव देसाई को नियुक्त किया। भितिहरवा मैं वयोवृद्ध डॉक्टर देव और सोपन जी ने चलाया। बाद में पुंडारिक जी गए स्वयं कस्तूरबा विद्यालय आश्रम में रही और इन कर्मठ और विद्वान स्वयंसेवकों की देखभाल की।

4. वसुंधरा भोगी मानव और धर्माच मानव एक ही सिक्के के दो पहलू हैं ?

उत्तर- प्रस्तुत पंक्ति जगदीशचंद्र माथुर ने मनुष्य की पाशिवक प्रवृत्ति एवं दूषित मानसिकता का वर्णन किया है एक तरफ मनुष्य जंगल काटे जा रहा है खेतों को पशु पक्षियों अ रहा है नदियों पर बांध बनाकर उसे नष्ट कर रहा है तो दूसरी और धर्मांध मानर 59/215 कहता है पर अपने घर की नाली कूड़ा करकट पूजन सामग्री जो प्रदूषण ही फैल में प्रवाहित करता है इस प्रकार दोनों इस प्रकृति को नष्ट करने में लगे हुए हैं इसलिए कहा जाता है कि वसुंधरा भोगी मानव और धर्माधमानव एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

5. कैसी है चंपारण की यह भूमि ? मानो विस्मृति के हाथों अपनी बड़ी से बड़ी नदियों को सौंपने के लिए प्रस्तुत करती है ?

उत्तर- चंपारण की यह गौरवशाली भूमि महान है। यहां अनेक आक्रमणकारी तथा बाहरी व्यक्ति आए है उन्होंने या तो इस पावन भूमि को क्षति पहुंचाई या आकर बस गए किंतु धन्य है इसकी सहनशीलता एवं उदारता इसने उन सब को भुला दिया क्षमा कर दिया ऐसा प्रतीत होता है कि इसने विस्मृति के हाथों अपनी बड़ी से बड़ी निधियों को सौंप दिया इसमें किसी प्रकार का प्रतिकार नहीं किया स्वयं को उन आततायियों के हाथों समर्पित कर दिया उन्हें अपनी निधियों से समृद्ध किया।

6. चौर और मन किसे कहते हैं? वे कैसे बने और उनमें क्या अंतर है?

उत्तर- चंपारण में गंडक घाटी के दोनों और विभिन्न आकृतियों के ताल दिख पड़ते हैं यह कहीं उथले तो कहीं गहरे हैं सभी प्रायः टेढ़े मेढ़े किंतु शुभ्र एवं निर्मल जल से पूर्ण है इन तालों को चौर और मन कहते हैं। चौर उथले ताल होते हैं जिसमें पानी जाड़ो और गर्मियों में कम हो जाता है। इनके द्वारा खेती भी होती है मन विशाल और गहरे ताल है। मन शब्द मानस का अपभ्रंश है ये मन और चौर मानों गंडक के उच्छृंखल नर्तन के समय बिखरे हुए आभूषण है जब बाढ़ आती है तो तटों का उल्लंघन कर नदी दूसरा पथ पकड़ लेती है पुराने पथ पर रह जाते हैं। ये चौर और मन जिनकी घर गहराई तल को स्पर्श कर धरती के हृदय से स्रोत को फोड़ लाई ।

7. नहीं फौजी वहां लड़ने के लिए है वे नहीं भाग सकते जो फौज छोड़कर भागता है उसे गोली मार दी जाती है?

उत्तर प्रस्तुत पद्यांश हिंदी साहित्य के प्रमुख कथाकार एवं नाटककार मोहन राकेश द्वारा रचित उनके एकांकी सिपाही की मां से संकलित है यहां एक मां अपने बेटे को गलत कार्य करने से रोक रही है। जब मुन्नी बर्मा से आई लड़कियों से पूछती है कि फौजी युद्ध से भागकर नहीं आ सकते तब उनमें से एक लड़की कहती है कि फौजी वहां लड़ने के लिए गए। वे वहां से भाग नहीं सकते हैं। अगर कोई भागने की कोशिश भी करता है तो उसे गोली मार दी जाती है।

8. कुंती का परिचय आप किस तरह देंगे ?

उत्तर कुंती सिपाही की मां शीर्षक एकांकी में एक प्रमुख पात्र है यह एक अच्छी पड़ोसन के रूप में रंगमंच पर प्रस्तुत हुई है यद्यपि कुंती की भूमिका थोड़े समय के लिए है तब भी उसे थोड़े में आंका नहीं जा सकता वह बिरानी की पुत्री मुन्नी के विवाह के लिए चिंतित है। वह स्वयं मुन्नी के लिए दर पर खोजने को भी तैयार है वह बिशनी को सांत्वना भी देती है। विधनीके पुत्र मानक के वर्मा की सकुशल लौटने की बात भी हुआ करती है। बिरानी के प्रति उसकी सहानुभूति उसके शब्दों में स्पष्ट दिखाई पड़ती है वह कहती है तू इस तरह दिल क्यों हल्का कर रही है कुती वर्मा के लड़कियों के प्रति थोड़ा कठोर दिखाई देती है उनके हाव-भाव एवं पहनावे तथा भिक्षाटन पर थोड़ा कुद्ध भी हो जाती है। उनका इस तरह से भिक्षा मांगना कतई अच्छा नहीं लगता है।

9. मानक और सिपाही एक दूसरे को क्यों मारना चाहते हैं ?

उत्तर- मानक वर्मा की लड़ाई में भारत की ओर से अंग्रेजों के साथ लड़ने गया था। और दूसरी और के पक्ष जापानी थे। सेना एक दूसरे का दुश्मन है क्योंकि वह अपने अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं मानव और सिपाही अपने को एक दूसरे का दुश्मन समझते हैं इसलिए वे एक दूसरे को मारना चाहते हैं।

10. दोनों लड़कियां कौन है ?

उत्तर- सिपाही की मां शीर्षक एकांकी में दो लड़कियों के नाम से दो पात्र है एक को पहली लड़की व दूसरी को दूसरी लड़की के रूप में संबोधित किया गया है दोनों लड़कियां बर्मा की रंगून नगर की है द्वितीय विश्व युद्ध के समय जब जापानी व हिंदुस्तानी सेना बर्मा में युद्ध कर रही थी तब वहां भयंकर रक्तपात हुआ था। लाखों वर्मा निवासी पर द्वार छोड़कर भारत की सीमा में घुस आए थे उन्हीं में से दो लड़कियों ने अपने परिवार की ग्यारह सदस्यों के साथ दुर्गम एवं बीहड़ जंगलों एवं दलदलों को पार करते हुए भारत में प्रवेश किया था उन्हीं दोनों लड़कियों की भेंट इस एकांकी की मुख्य पात्र बिशनी से हो जाती है एवं खाने के लिए अन्न की मांग करती है बिरानी इन्हें भर कटोरा चावल देती है।

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